Birth Time of Lord Shree Ram or Raam 


(11 लाख, 96 हजार, 116 वर्ष) श्री राम को उत्पन्न हुए हो गए हैं।

NA KE [NOT] 18 MILLION 

ram ka kaal ganana chaheye bhai abhi tak ka–balmiki ramayan ka

श्री राम

 को उत्पन्न हुए हो गए हैं।

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्मकाल –

वेटिकन चाटुकार अज्ञानी पाश्चात्य इतिहासकारों का खंडन


नमस्ते मित्रो,


हमारे भारतवर्ष में अनेको अनेक महापुरुष, ज्ञानी, विद्वान, पराकर्मी राजा महाराजा उत्पन्न होते आये हैं, ये मिटटी कभी वीरो से खाली नहीं रही, कालांतर में भी पृथ्वी राज चौहान, महाराणा प्रताप, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सरीखे वीर योद्धा इसी पावन पवित्र मिटटी की गोद से उत्पन्न हुए हैं।


जहाँ तक समझता हु कालांतर में उत्पन्न हुए ये वीर और इनके माता-पिता ने भी किसी न किसी महापुरुष को आदर्श मानकर – इन वीरो में उस महापुरष के संस्कार भरे होंगे। और इस देश भारत के लिए अनेको महापुरषो के आदर्श उपस्थित रहे हैं, सभी महापुरषो के समय पर विचित्र परिस्थितिया रही जिनको उन्होंने उचित रीति से हल किया। जैसे महाभारत काल में योगेश्वर कृष्ण ने शांति बहाल करने की पूर्ण कोशिश की मगर जब धर्म की हानि होते देखि तो युद्ध में पांडवो को विजय दिलवाई। महाराणा प्रताप ने चित्तोड़ की आन बान शान के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया। ऋषि दयानंद ने देखा देश की हालत बहुत विकट है, आर्य जाती अधम और पाखंड में फंस चुकी थी, भारत गुलामी से त्रस्त था ऐसे में ऋषि ने “स्वराज्य” का बिगुल बजाया। भगत सिंह, आजाद, बिस्मिल अशफ़ाक़ुल्ला खान सरीखे अनेको वीर इस स्वतंत्रता रुपी यज्ञ में अपनी आहुति देने आये।


आखिर ऐसा क्या था जो इन सभी महापुरषो को एक प्रेरणा देता था ?


वो था हमारे इतिहास में उत्पन्न हुए गौरवशाली आदर्श मानव जिन्होंने हमारे भविष्य के लिए अपना वर्त्तमान दांव पर लगाया। वो आज हमारे आदर्श हैं।


ऐसे ही एक महापुरुष के जन्मकाल के समय पर जो लाखो वर्षो से भारतीय जनमानस ही नहीं अपितु दुनिया के सभी मनुष्यो के लिए एक आदर्श रहा है, एक ऐसा मनुष्य जो पुत्र, पति, भाई, मित्र यहाँ तक की एक शत्रु के लिए भी आदर्श बन गया। आज हम ऐसे आदर्श श्री राम के जन्म काल गणना पर विचार करेंगे।


हमारे मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम। इनके जन्म काल के विषय में अनेक भ्रांतियां हैं। 

कुछ अंग्रेजी इतिहासकार हमारे सच्चे इतिहास को अपनी वेटिकन चाटुकारिता हेतु नकारते हैं, झूठे तथ्य और बेबुनियाद आधार पर हमारी आस्था पर चोट करते हैं, वामपंथी भी ऐसी ही विकृत मानसिकता से युक्त हैं, वो भी नहीं चाहते की यहाँ का हिन्दू समाज (आर्य जाती) अपने सच्चे इतिहास को जाने, इसीलिए मनमाने और झूठे कुतर्को से झूठ का प्रचार कर हिन्दुओ के मन में भ्रांतियां उत्पन्न करते हैं, नतीजा हिन्दू समाज अपने सत्य इतिहास से दूर होता जाता है। 

आज हम इसी विषय पर कुछ विवेचना करेंगे –


देखिये हमारे पास हमारे इतिहास से जुड़े अनेक तथ्य और ऐतिहासिक ग्रन्थ मौजूद हैं, जो हमारी इतिहास की धरोहर है, कुछ अपवाद जैसे प्रक्षेप हिस्से को छोड़ देवे, तो जो सत्य सिद्धांत हो वो मानने योग्य है चाहे किसी भी पुस्तक में मौजूद हो – जब श्री राम का जन्म काल जानने का प्रयत्न करते हैं तो सबसे पहले हम वाल्मीकि रामायण को प्रमाण मानते हैं आइये देखे वहां क्या लिखा है –


ततो यज्ञे समाप्ते तु ऋतुनां षठ समत्ययुः। 

ततश्च द्वादशे मासे चैत्रं नावमिके तिथौ।। 

नक्षत्रोऽदितिदैवत्ये स्वोच्चसंस्थेषु पंच्चसु। 

ग्रहेषु कर्कट लग्ने वाक्पताविन्दुना सह।। 

कौशल्याजनमद् रामं दिव्य लक्षणं संयुतम्।

लोहिताक्षं महाबाहु रक्तोष्ठम् दुन्दुभिस्वनम्।।

प्रोद्यमाने जगन्न्ााथं सर्व लोक नमस्कृतम। 

(वा. रा. – बालकाण्ड, सर्ग ७, श्लोक १-३)


यज्ञ की समाप्ति के पश्चात् 6 ऋतुएं बीत गईं, तब बारहवें मास चैत्र के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न में कौशल्या देवी ने दिव्य लक्षणों से युक्त श्रीराम को जन्म दिया। उस समय पांच ग्रह अपने-अपने उच्च स्थानों पर विद्यमान थे।


ऋषि वाल्मीकि ने अपनी रामायण में इस प्रकार की ग्रह स्थिति में श्री राम के जन्म का उल्लेख किया है –


सूर्य, मंगल, शनि, बृहस्पति, शुक्र ग्रह मेष मकर तुला कर्क मीन में थे। चैत्र के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि श्री राम की जन्मतिथि होने से अब रामनवमी के नाम से प्रसिद्ध है।


महाभारत से प्रमाण :


महाभारत के अनुसार त्रेता और द्वापर के संधिकाल में श्री राम का जन्म हुआ था।


संध्येश समनुप्राप्ते त्रेतायां द्वापरस्य च। 

अहं दशरथी रामो भविष्यामि जगत्पतिः।। 

(महाभारत शान्तिपव-339/85)


ये श्लोक मिलावटी लगता है लेकिन इतना जरूर है की जो यहाँ त्रेता और द्वापर के संधि काल की बात हो रही है – उसमे सत्यता जरूर प्रतीत होती है क्योंकि इसी संधि का ऐसा ही समय आंकलन वायु महापुराण 98/72) (हरिवंश पुराण 4/41 ब्रह्मांड महापुराण 104/11) में भी दिखाई देता है।


चतुर्विशयुगं चापि विश्वामित्रपुरः सरः। 

रामो दशरथस्याथ पुत्रःपदमायतेक्षणः।।


क्योंकि यहाँ 24वि चतुर्युगी की बात हो रही है जो इस वैवस्वत मनु के काल में आती है – वो मुझे युक्तियुक्त नहीं लगता अतः हम इसी 28वि चतुर्युगी के आधार पर काल गणना करते हैं –


देखिये इस समय वैवस्वत मनु की 28वि चतुर्युगी का कलयुग 5116वा साल यानी विक्रम का 2072 संवत है – यदि यहाँ से गणना की जाए तो –


इस कलयुग के – 5116 वर्ष 


बीत चुके द्वापर के – 8,64,000 वर्ष 


बीत चुके त्रेता के – 12,96,000


श्री राम त्रेता और द्वापर के संधि काल में हुए – तो


8,64,000 + 12,96,000 = 21,60,000 वर्ष


इनका संधि काल = 


21,60,000 / 2 = 10,80,000 वर्ष


अब इसमें संध्याओं का योग करते हैं –


86,400 + 1,29,600 = 2,16,000 / 2 = 1,08,000


(ये युग का दश्वा हिसा है जो एक युग से दूसरे युग का संधि काल होता है अतः इसका आधा पूर्व और आधा पश्चात का लेना होगा )


संधि काल + संध्याओ का योग


10,80,000 + 1,08,000 = 11,88,000 वर्ष


अब इसमें कलयुग के 5116 वर्ष और जोड़ते हैं


11,88,000 + 5116 = 11,96,116 (11 लाख, 96 हजार, 116 वर्ष) श्री राम 

को उत्पन्न हुए हो गए हैं।


ये काल गणना वैवस्वत मनु की 28वि चतुर्युगी के आधार पर है। अतः इतना तो सिद्ध है, ग्यारह लाख, छियानवे हजार एक सौ सौलह वर्ष तो श्री राम के जन्म हुए कम से कम हो ही चुके हैं।


यदि 24वि चतुर्युगी के आधार पर करे तो – ये गणना करोडो वर्ष पूर्व बैठेगी जो तर्कसंगत नहीं होगा क्योंकि अभी हाल में ही अमेरिका के एक खोजी उपग्रह ने श्री रामेश्वरम से श्री लंका तक श्रीराम द्वारा बनाए गए त्रेतायुग के पुल को 17.5 लाख वर्ष पुराना माना है। जो इस 28वि चतुर्युगी के आधार पर निकाले गए श्री राम की जन्म काल गणना से मेल खाता है।


अतः हमें जानना चाहिए की हमारा इतिहास कोई काल्पनिक नहीं – युगो की गणना यदि और सटीक तरीके तथा अनेक ऐतिहासिक ग्रंथो का यदि और अधिक अनुसन्धान और विश्लेषण किया जाए तो हम प्रभु श्री राम के जन्म गणना का और अधिक विश्लेषण करके – मॉडर्न विज्ञानं के आधार पर मेल करवा सकते हैं।


धन्यवाद


आओ लौट चले वेदो की और

Selfie : A Hindi Drama Review 


Selfie : 

A Hindi Drama Review  By : Santosh Bhatt

Today I had a chance to see my Wife’s school friend Tanaz Irani who visited our home town with Her exceptional talented friends, who performed at Meadow club in Hindi Drama Selfie. 

One fateful evening in a ladies waiting room at a remote railway station, five women find their lives intersecting with cathartic consequences.

 Tanaaz Irani ( Dolly Soda water Batliwala )  a middle-aged nurse and home-maker with a ready and sarcastic  wit and acidic tongue, finds that the perfect world she thinks she lives in may not be so perfect after all. 


Paramjeet Chaddha , a good-natured, IT professional in her late thirties, realises that all her superficial sweetness and bonhomie may not hide the fact that her one decision, that isn’t really even hers, may slowly be destroying her from within.

 An excitable, vivacious and married woman, hides some very important secrets and chooses to give her conscience the benefit of doubt in the pursuit of pleasure with her so much suited self righteous to justify her life act and insidents. 

 Sonia  Kapoor the hottest, most desirable , fascinating and most alluring thing on television, has the world eating from her hand. 

At the top of her career, what worrying reason has sent her to the god-forsaken waiting room? 

Pooja ( Sweta Gulati )  is incredibly articulate and well-spoken and reasonable, rational and Amazing actor who can act in second from funny to emotional and take audiences to a Time travel journey. 

This feisty young company manager should have everything to live for… but does she? 

Blemishes must be hidden, flaws must be air-brushed and the real hard truth has no place in our quest to be picture perfect.

 But can truth ever be far behind? 
I highly recommend this mystic play to watch which does address today’s family and personal issues for modern family. 

Five star by : Santosh Bhatt. 


What is Democracy ?


Some Times : By Santosh Bhatt

A Muslim child asks his mother,


 “Mama, what is Democracy?”


 Mother dressed in her Burkha replied , 


“Well son, Democracy is when the Hindu, Jew and Christian tax payers work hard every day so that we Muslim Lazy, Jihadi and cult mentality can get all our benefits like free housing, free healthcare, free education in our Madarassas, and we can produce fanatics babies. 


Hindu Temples, Church and synagogue Donation collections goes to build our mosques, community centres, Haj subsidy and so on. 


This is Democracy”. 


“But Mama, don’t the Hindu, Christian and Jew tax payers get angry about that?”


Hijabi Jihadi Mom Replied. 


“Sure they do. 


That’s why we call them Communal”. 


I can’t and Never explained more simpler then this. 


Do you understand ? ! If yes then Do not hesitate to share and wake up our Hindu, Yezdi, Buddhist, Christian and Jew and wake them up. 

Happy Vasant Panchami !



બાંધી ન બંધાઈ કંચૂકીમાં એની પોટલી, 

વક્ષ ચડિયાતાં થયા ગુલમહોર મ્હોર્યા એટલે…! 


વાયુ અણિયાળો થયો, તેની ય ના પરવા કરી, 


મન ઉઝરડાતાં થયા ગુલમહેર મ્હોર્યા એટલે – 


વસંત એટલે બી લેઝી, બી ક્રેઝી, બી ઈઝી) ! 


થોડો આરામ, થોડી મસ્તી, થોડી સરળતા. 


થાક ખંખેરીને ભીતરથી ખીલવા અને ખુલવાનું 


ભૂલકાંઓ જેવું કૂતુહલ અને પતંગિયા જેવી ચપળતા. 


બહાર ચોંટાડીને ફરીએ છીએ એ પ્લાસ્ટિકનું સ્મિત 


ક્યારેક ઘરના જ પાર્ટનર સામે અનાયાસ ફરકાવીને આંખ મિચકારી લેવાની ઋતુ !

Is Bharat / India a Hindu nation?


Q. Why should Doordarshan show visuals of Hindu goddesses during telecast of Vande Mataram? Is India a Hindu nation?

Agniveer : Doordarshan must continue doing it. Because if we agree with you today, tomorrow your demands will be following


1. Change national Motto “Satyamev Jayate” because it came from Hindu Mundaka Upanishad.


2. Change Ashok Chakra because it belongs to Buddh Ashoka.


3. Change calendar because that belongs to Christ.


4. Change India’s name – Bharat since it came from Hindu Mahabharat.


5. Ban Bharat Ratna, Padma Shri award, Dronacharya, Arjun awards etc because they all belong to Hindu mythology.


6. Ban RAW – Indian intelligence agency for their Motto – Dharmo Rakshati rakshitah – because it came from Hindu Manusmriti.


7. Ban Supreme court of India for its Motto – Yato Dharmastato Jayah as it came from Hindu Bhagvad Gita.


8. Ban Goa as it has Motto – Sarve Bhadrāni Paśyantu Mā Kaścid Duhkhabhāg bhavet” – a Hindu prayer


9. Ban/change Indian Navy for Motto – Shanno Varuna ” from Hindu Taittiriya Upanishad.


10. Ban/change Indian Air Force for Motto Nabhaḥ-Spṛśaṃ Dīptam for it came from Bhagavad Gita.


11. Ban/change Punjab Regiment of Indian Army for its war cries “Jo bole So Nihal, sat sri akal”; “Bol Jawala Ma ki jai” having Hindu/Sikh overtones.


12. Ban/change Madras regiment for motto – Swadharme nidhanam shreyaha, taken from Hindu Gita.


13. Ban/change Gorkha rifles for war cry – Jai Mahakali aayo Gorkhali, which is clearly a Hindu goddess Kali’s worship.


14. Ban/change Maratha Light Infantry for their war cries- “Bol Shri Chhatrapati Shivaji Maharaj ki jai, Temlai Mata ki jai” for having Hindu origin.


15. Ban/change Rajputana Rifles for their motto and war cries as Veer Bhogya Vasundhara and Raja Ramchandra ki Jai which are nothing but Hindu God Ram’s worship?


16. Ban/change Rajput Regiment for their war cry – Bol Bajrang Bali ki jai, which is Hindu God Hanuman’s worship.


17. Ban/change Jat regiment for Jat Balwan, jai bhagwan.


18. Ban/change Sikh regiment and Sikh Light Infantry for Jo bole so nihaal sat shri akaal.



Tame Bolo Ne Ame Sambhahriye ! 


By : Sant Bhatt

Aavvoo maliyee Ne kholiye

Darbaar Shero-Shayari No


Saathe Jaam Pan Takaraviye

Vichhaaroo Naa Vrundaavan Boliye


Shabd Maroo, Sur Tamaaroo

TelePhone Chhoodi Ne Kalama Uthaviye


Choo Shabdoo naa Saudaagar Tamee

Amaare Pan Sambhravaa, Tamara Lakhaano. 


Sant to Saath Chhe Tam Sang

Tame bolo Ne Ame Sambhariyee.

Sant Bhatt

Disrespect to USA and American Citizens., who voted for Trump. 


Some Times By : Santosh Bhatt

You know America and to all those Democrats who are not attending Potus Trump’s Inauguration Ceremony on 20th. Including Secretary John Kerry.  

This is what American people have to tell you. ? 


I never approved of you in your current position but you have really shown your true colors!! 


Don’t you think that a man of your age should finally ” grow up” !!!


When u have an inferiority complex,

You hide. 


He can’t hold a candle to Trumps new cabinet.


Same goes for the DEMS staying home in shame.


Who cares???? 


You people in the media keep talking about who’s not going to be there and I’m telling you “who cares anymore?” 


It is not going to stop Trump from being sworn in as POTUS and this is all that matters to the Trump’s silent majority supporters. 


The other dark side can sit in their corners, suck their thumbs, and hang on to their blankies..



why don’t you all educated, ignorant Yahoo Generation Democrats stay away. 


I don’t think you will be missed with 9000 wonderful people that want to be there so they can have your 68 seats!!!!!!!!!!!!!!!!


The tickets to those empty seats should go to someone like our veterans or even the the people who worked on Eric Trumps Cancer Foundation for children!!!!! 


They have both been hurt by these hateful Democrats!!!!!


Don’t these politicians work for us tax payers, why aren’t they going to Washington to help unite this country, I thought when you pay someone’s salary they were suppose to do the job they were hired to do!


WONDERFUL! Just another person we taxpayers won’t have to pay for their meals, lodging, and security! Thanks for letting us know you Liberal demo’s finally helped us SAVE MONEY!


do think they all need to be remove dfrom office due to they are showing No respect to America. 


I will never vote any of them back in office in the years to come and if they run for president they will not have my vote due to disrespect to USA and American Citizens., who voted for Trump. 


Doesn’t our votes count to him (Dem)


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